चरण 1: स्क्रीन टाइम के बारे में अपने बच्चे से बात करें
American Academy of Pediatrics (AAP) से प्राप्त स्क्रीन टाइम मार्गदर्शन और यह सोचने के बाद कि आपके परिवार के लिए क्या सही होगा, आपका अगला क़दम अपने बच्चे से बात करना होगा। इन बातचीत का परिणाम अक्सर तब और बेहतर मिलता है जब यह बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ-साथ जारी रहे, न कि तब, जब एक ही बार कुछ नियम बना दिए जाएँ और उनमें कोई बदलाव न किया जाए।
अपने बच्चे के साथ बातचीत शुरू करें
छोटे बच्चों के साथ देखें और खेलें ताकि आप उनका दृष्टिकोण समझ पाएँ और सरलता से साझा बातों पर सहमत हो सकें। इनमें स्क्रीन-फ़्री समय जैसे भोजन और सोने से पहले का घंटा और स्क्रीन-फ़्री ज़ोन जैसे बेडरूम शामिल हो सकते हैं। आपने जो सीमाएँ सेट की हैं, उसके पीछे के कारणों के बारे में बताएँ। बढ़ते हुए शरीर और दिमाग़ के लिए पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्क्रीन से दूर रहकर खेलने में समय बिताना ज़रूरी है। आप बच्चे के Apple डिवाइस पर उन स्क्रीन टाइम सेटिंग को ऐडजस्ट कर सकते हैं, ताकि आपको उन सेटिंग से संबंधित सीमाओं के बारे में चर्चा करने में मदद मिल सके।
जैसे-जैसे आपका बच्चा बड़ा होगा, आप संभवतः चाहेंगे कि आपको उनके लिए स्क्रीन टाइम प्रबंधित न करना पड़े, बल्कि वे ख़ुद उसे प्रबंधित कर सकें, इसमें उनकी मदद करें। इससे जब वे वयस्क होंगे, तब तक वे अच्छी आदतों को पहले ही अपना चुके होंगे। बातचीत को इस बात से आगे बढ़ाएँ कि वे कितने समय से डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं, न कि इस बात से कि वे डिवाइस पर क्या कर रहे थे। ग़लती बताने के बजाय उनका पक्ष जानने की इच्छा रखें।
AAP की अपनी वेबसाइट पर बातचीत शुरू करने से जुड़ी जानकारी दी गई है जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे :
“क्या हम इस बारे में बात कर सकते हैं कि हमारे परिवार को तकनीक के इस्तेमाल के लिए सीमाएँ किस तरह तय करनी चाहिए?” इस पर साथ मिलकर काम करते हैं क्योंकि मेरी इच्छा आपको इन फ़ैसलों में शामिल करने की है।”
“क्या दिन का कोई ऐसा समय है जब आपको लगता है कि हमें डिवाइस या फ़ोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?” उदाहरण के तौर पर परिवार के साथ डिनर के दौरान।”
“क्या ऐसा कोई समय है जब मेरा आपके साथ रहना ज़रूरी हो और उस समय मुझे डिवाइस या फ़ोन पर नहीं होना चाहिए?”
अतिरिक्त सुझावों के लिए Conversation Starters for Families About Media देखें, जिसे AAP की ओर से पेश किया गया है।
अपने बच्चे को डिजिटल साक्षर बनाने में मदद करें
अपने बच्चे से स्क्रीन टाइम के बारे में बात करने के दौरान आप उन्हें डिजिटल साक्षर बनाने में मदद कर सकते हैं, जिसके ज़रिए यह बताया जाता है कि तकनीक का सुरक्षित और सोच-विचार कर इस्तेमाल कैसे किया जाए। आप अपने बच्चे को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि क्या शेयर करना है, किस पर भरोसा करना है और लोगों के साथ ऑनलाइन किस तरह से व्यवहार करना है। आप ग़लत जानकारी के ऐसे उदाहरण बता सकते हैं जो आप देखते हैं, इंफ़्लुएंसर और विज्ञापनों के ज़रिए बेची जा रहीं चीज़ों के बारे में सवाल कर सकते हैं और ऐसे ऐप्स पर भी बात कर सकते हैं जिनकी आदत होने के बाद उनका इस्तेमाल बंद करना मुश्किल हो सकता है। बातचीत को दो-तरफ़ा बनाए रखने से साइबर बुलीइंग और गोपनीयता जैसे कठिन विषयों पर भी बात करने की गुंजाइश बनी रहती है, ताकि आपके बच्चे को पता चले कि वे आपसे किसी भी विषय पर बात कर सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए Helping Kids Thrive in a Digital World: AAP Policy Explained देखें, जिसे AAP की ओर से पेश किया गया है।